एक छोटी सी कहानी 366

☝🏼एक छोटी सी कहानी

धर्मेंद्र- “जब मैं हारा, तो तुमने ढांढस का एक शब्द भी नहीं बोला?”

हेमा-“मुझे बोलना नहीं था, बस सीढ़ी को मजबूती से थामे रखना था।”

👉खोखले शब्दों से कई गुना बेहतर है संकट में शांत उपस्थिति।


🙏🏼श्रैयाँस कोठारी


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