☝🏼 एक छोटी सी कहानी बड़ा भाई : चलो, जमीन बराबर बाँट लेते हैं… झगड़ा खत्म। छोटा भाई: हाँ, बीच में दीवार खड़ी कर देते हैं। दीवार तो खड़ी हो गई… पर आँगन के साथ बातें भी आधी रह गईं। घर बड़ा दिखा, पर परिवार छोटा हो गया। 👉🏼 जमीन बाँटने से हिस्से मिलते हैं, दिल बाँटने से अपने खो जाते हैं। 🙏🏼श्रैयाँस कोठारी
☝🏼 एक छोटी सी कहानी अमित : पैसा नहीं है, बिजनेस कैसे शुरू करूँ? विनय : आइडिया से शुरू तो कर , पैसा पीछे आएगा। उसने घर से छोटा काम शुरू किया। 👉🏼 शुरुआत बड़ी नहीं, हिम्मत बड़ी होनी चाहिए। 🙏🏼श्रैयाँस कोठारी
☝🏼 एक छोटी सी कहानी पति पत्नी में बोलचाल हो गई, झगड़ा बड़ा था। पति: “चलो बाहर टहलते हैं।” चलते-चलते मन भी हल्का हो गया। 👉🏼 रिश्ते जीतने से नहीं, समझने से चलते हैं। श्रैयाँस कोठारी
☝🏼 एक छोटी सी कहानी जॉन्टी : ChatGPT तो वरदान बनकर आया है। जेली : हाँ, लेकिन हर काम उसी से करोगे तो दिमाग छुट्टी पर चला जाएगा। जॉन्टी मुस्कुराया: “उपयोग करूँगा… सहारा नहीं बनाऊँगा।” 👉🏼 तकनीक मददगार होनी चाहिए, मालिक नहीं। श्रैयाँस कोठारी
☝🏼 एक छोटी सी कहानी पिंकी : तुम बात ही नहीं करते। धर्मेंद्र (मोबाइल साइड रखा): चलो, चाय साथ पीते हैं। छोटी बात, बड़ी मुस्कान। 👉🏼 रिश्ते समय माँगते हैं, बहाने नहीं। श्रैयाँस कोठारी