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एक छोटी सी कहानी 302

☝🏼 एक छोटी सी कहानी जेम्स (एक अमरीकी सैनिक): "हम क्यों लड़ रहे हैं?" पीटर (दूसरा): " क्योंकि ऊपर वाले बात नहीं कर पाए… " 👉   जब संवाद रुक जाता है, तब संघर्ष शुरू हो जाता है—और कीमत हमेशा आम लोग चुकाते हैं। 🙏🏼श्रैयाँस कोठारी 

एक छोटी सी कहानी 301

☝🏼 एक छोटी सी कहानी जयेश (पापा): "बेटा, बाहर मत जाओ, गिर जाओगे…" संतोष (दादी): "गिरने दो… तभी चलना सीखेगा।" 👉 Over-protection, growth रोक देता है। श्रैयाँस कोठारी

एक छोटी सी कहानी 300

☝🏼 एक छोटी सी कहानी मैं: लो पापा इस पड़ाव भी पहुंच गए... मर्यादा कुमार: मैंने कहा था, consistency is the key... (निरंतरता ही कुंजी है...) 👉🏼 प्रतिभा शुरुआत दे सकती है, निरंतरता मंजिल तक पहुंचाती है... श्रैयाँस कोठारी

एक छोटी सी कहानी 299

☝🏼 एक छोटी सी कहानी उदित: “आज जी लो, कल किसने देखा?” ललित: “ इसीलिए थोड़ा बचा भी रहा हूँ… ” 👉🏼 समझदारी आज और कल दोनों संभालती है।  श्रैयाँस कोठारी

एक छोटी सी कहानी 298

☝🏼 एक छोटी सी कहानी बबली: “इसमें सब खुश दिखते हैं…” बंटी: “क्योंकि दुख कोई पोस्ट नहीं करता… ” 👉🏼 जो दिखता है, वो पूरी सच्चाई नहीं होता। 🎭 श्रैयाँस कोठारी

एक छोटी सी कहानी 297

☝🏼 एक छोटी सी कहानी अर्हम: “दुनिया में हर जगह लड़ाई क्यों?” सुरेश (नाना): “क्योंकि लोग जीतना चाहते हैं… ” अर्हम: “ और समझना... ?” 👉🏼 जीत से ज्यादा जरूरी समझ है। श्रैयाँस कोठारी

एक छोटी सी कहानी 296

☝🏼 एक छोटी सी कहानी सरिता (माँ): “इतना गुस्सा क्यों?” यज्ञ (बेटा): “सब गलत हो रहा है…” सरिता: “ गुस्सा सब सही कर देगा???… ” 👉🏼 शांत दिमाग ही सही फैसला लेता है। 🧘 श्रैयाँस कोठारी