☝🏼 एक छोटी सी कहानी प्रवीण: "मैं भी ये करना चाहता हूँ…" गौरव: "कब तक?" प्रवीण: "ये पता नहीं…" गौरव: "फिर ये संकल्प नहीं… सिर्फ सपना है।" 👉समय तय न हो, तो लक्ष्य सिर्फ इच्छा बनकर रह जाता है। 🙏🏼श्रैयाँस कोठारी
☝🏼एक छोटी सी कहानी मयंक: "तू इतना शांत कैसे रहता है?" बजरंग: "क्योंकि मेरा मन मुझे नहीं… मैं उसे चलाता हूँ।" 👉जिसने मन को साध लिया, उसने जीवन को साध लिया। 🙏🏼श्रैयाँस कोठारी
☝🏼एक छोटी सी कहानी पवन : "क्या ये सच में मुमकिन है?" विमल : "पहले खुद को मानना पड़ता है… दुनिया बाद में मानती है।" 👉विश्वास ही वो शुरुआत है, जहाँ से हकीकत बननी शुरू होती है। 🙏🏼श्रैयाँस कोठारी