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एक छोटी सी कहानी 299

☝🏼 एक छोटी सी कहानी उदित: “आज जी लो, कल किसने देखा?” ललित: “ इसीलिए थोड़ा बचा भी रहा हूँ… ” 👉🏼 समझदारी आज और कल दोनों संभालती है।  श्रैयाँस कोठारी

एक छोटी सी कहानी 298

☝🏼 एक छोटी सी कहानी बबली: “इसमें सब खुश दिखते हैं…” बंटी: “क्योंकि दुख कोई पोस्ट नहीं करता… ” 👉🏼 जो दिखता है, वो पूरी सच्चाई नहीं होता। 🎭 श्रैयाँस कोठारी

एक छोटी सी कहानी 297

☝🏼 एक छोटी सी कहानी अर्हम: “दुनिया में हर जगह लड़ाई क्यों?” सुरेश (नाना): “क्योंकि लोग जीतना चाहते हैं… ” अर्हम: “ और समझना... ?” 👉🏼 जीत से ज्यादा जरूरी समझ है। श्रैयाँस कोठारी

एक छोटी सी कहानी 296

☝🏼 एक छोटी सी कहानी सरिता (माँ): “इतना गुस्सा क्यों?” यज्ञ (बेटा): “सब गलत हो रहा है…” सरिता: “ गुस्सा सब सही कर देगा???… ” 👉🏼 शांत दिमाग ही सही फैसला लेता है। 🧘 श्रैयाँस कोठारी

एक छोटी सी कहानी 295

☝🏼 एक छोटी सी कहानी अमित: “उफ्फ, इतनी बारिश, कितनी परेशानी है… ” रामेश्वर: “वाह, कितनी ठंडक हो गई… ” 👉🏼 नजरिया ही मौसम बदल देता है। 🌈 श्रैयाँस कोठारी

एक छोटी सी कहानी 294

☝🏼 एक छोटी सी कहानी जॉन्टी: “पर...मैं तो अभी छोटा हूँ…” दादा: “शुरुआत हमेशा छोटी होती है।” 👉🏼 छोटा कदम बड़ी शुरुआत कर सकता है। 🌱 श्रैयाँस कोठारी

एक छोटी सी कहानी 293

☝🏼एक छोटी सी कहानी अमित (पिता): “इतना फोन क्यों?” 📱 ऋषि: “ दुनिया से जुड़े रहने के लिए… ” अमित: “और घर वालों से…?” 👉🏼 दूर वालों से पहले पास वालों को समय दो। 🙏🏼श्रैयाँस कोठारी