☝🏼एक छोटी सी कहानी अमित (पिता): “इतना फोन क्यों?” 📱 ऋषि: “ दुनिया से जुड़े रहने के लिए… ” अमित: “और घर वालों से…?” 👉🏼 दूर वालों से पहले पास वालों को समय दो। 🙏🏼श्रैयाँस कोठारी
☝🏼 एक छोटी सी कहानी सोनम: “इतनी भागदौड़ क्यों?” हितेश: “सब पाने के लिए…” सोनम: “जो है, उसे जीने का समय?” 👉🏼 पाने की दौड़ में, जीना मत खो देना। 🙏🏼श्रैयाँस कोठारी
☝🏼 एक छोटी सी कहानी प्रेक्षित: “ओहो, लाइट चली गई!” रौनित: “अच्छा है… आज मोबाइल ऑफ, बातें ऑन करते हैं।” 😊 👉🏼 कभी स्क्रीन बंद कर के भी रिश्ते शुरू कर सकते हैं। 🙏🏼श्रैयाँस कोठारी
☝🏼 एक छोटी सी कहानी रौनक (📱scroll करते हुए): “सबकी जिंदगी perfect लग रही है…” हरीश: “चल, अपनी reel नहीं, real वाली जिंदगी perfect बनाते हैं। ” 👉🏼 दिखावा दिखता है, सच्चाई खुश करती है। 🙏🏼श्रैयाँस कोठारी
☝🏼 एक छोटी सी कहानी हियान: “दुनिया जल रही है, दुनिया में चारों तरफ युद्ध ही युद्ध…” ज्ञानम: “चल, हम कम से कम अपने आसपास शांति शुरू करते हैं ।” 👉🏼 शांति हमेशा किसी एक के फैसले से शुरू होती है। 🙏🏼श्रैयाँस कोठारी