☝🏼 एक छोटी सी कहानी कैलाश : “कार्य तो सही है, पर समाज क्या कहेगा!” पुष्प : “समाज खुश कब होता है?” 👉 जो सही है, वही करो — समाज बाद में समझेगा। 🙏🏼श्रैयाँस कोठारी
☝🏼 एक छोटी सी कहानी “5-star होटल में ही पार्टी करेंगे!” रोनित ने हंसते हंसते बिल का भुगतान किया। वापस आते हुए ठेले वाले से— “भैया, 10 रुपये कम कर दो।” 👉 दिखावा बड़ा, दिल छोटा नहीं होना चाहिए। 🙏🏼श्रैयाँस कोठारी
☝🏼 एक छोटी सी कहानी नम्रता (सास): “रसोई बहू की ज़िम्मेदारी है।” समीर (ससुर):“ भूख तो सबको लगती है, यह तुमने ही कहा था जब तुम सास नहीं, सिर्फ बहु थी… ” 👉 घर काम से नहीं, सहयोग से चलता है। 🙏🏼श्रैयाँस कोठारी
☝🏼 एक छोटी सी कहानी पड़ोस में आग लगी। योगेंद्र: वीडियो बनाओ… लाइव करो... एक बुज़ुर्ग: “पानी लाओ।” कुछ लोग ट्रेंड बना रहे थे, एक आदमी ' फ़र्क' बना रहा था। 👉🏼 हालात पर कंटेंट मत बनो… समाधान बनो। 🙏🏼श्रैयाँस कोठारी
☝🏼 एक छोटी सी कहानी वह मंदिर में ₹1000 चढ़ाकर बोला, “ आज बड़ा पुण्य मिला ।” बाहर खड़े बूढ़े ने हाथ बढ़ाया। उसने नजरें फेर लीं — “ अभी छुट्टा नहीं है…” भगवान अंदर नहीं… बाहर इंतज़ार कर रहे थे। 👉🏼 भगवान मूर्ति में कम… इंसान में ज़्यादा मिलते हैं। 🙏🏼श्रैयाँस कोठारी
☝🏼 एक छोटी सी कहानी मीटिंग 4 घंटे चली। अंत में बॉस: “फैसला अगली मीटिंग में।” लोग उठ गए… मुद्दा वहीं बैठा रहा। 👉🏼 निर्णय के बिना चर्चा, सिर्फ समय की खपत है। 🙏🏼श्रैयाँस कोठारी