आवश्यकताओं का सीमरेखन देता है आत्मसंतोष
आवश्यकताओं का सीमरेखन देता है आत्मसंतोष लेख का आरंभ हम राष्ट्र पिता महात्मा गांधी जी की घटना से करते है , बापू जब साबरमती आश्रम अहमदाबाद में रहते थे और साबरमती नदी में वर्ष पर्यंत पानी का प्रवाह बहता था , गांधी जी प्रतिदिन नीम दातुन कुल्ला आदि आवश्यक कार्य के लिए साबरमती नदी से एक लोटा पानी इस कार्य के लिए लेते थे , एक दिन बापू के सहयोगी बोले " नदी में अथाह जल राशि है , आप अधिक पानी का प्रयोग करे , प्रक्षालन आदि कार्य अधिक सुगम...