Posts

Showing posts with the label slogans

कला और साहित्य में छिपे नारे : जो रसिकता और समझ को बढ़ाते हैं

Image
कला   और   साहित्य   में   छिपे   नारे  : जो   रसिकता   और   समझ   को   बढ़ाते   हैं जिनेन्द्र   कुमार   कोठारी    " नारा " का   शाब्दिक   अर्थ   है   " बुलंद   आवाज़   में   लगाया   गया   घोष   " . प्राचीन   काल   में   नारा   युद्ध   के   समय   सेना   द्वारा   लगाया   जाता   था   जिससे   सैनिको   में   जोश   आए   और   युद्ध   में   अधिक   से   अधिक   शौर्य   प्रदर्शन   को   प्रेरित   करे।   आधुनिक   सन्दर्भ   में   नारे   का   प्रयोग    समाज   - राष्ट्र   मे    एक   विशेष   परिस्थिति   की   ओर    ध्यान   आकर्षित   करना   होता   है।    समय   के   साथ   साथ   , सभ्यता   - संस्कृति ...