एक छोटी सी कहानी 265

☝🏼एक छोटी सी कहानी

अमित: “यहीं ठीक हूँ…”

हितेश (मित्र): “तो फिर बढ़ोगे कैसे?”

👉 Growth comfort zone के बाहर है।

श्रैयाँस कोठारी

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