एक छोटी सी कहानी 263

☝🏼एक छोटी सी कहानी

सास केवल अपने कपड़े प्रेस कर रही थीं।

बहू बोली: “माँजी, मेरे भी रह गए थे…”

सास मुस्कुराईं — “तुम किचन संभालो, बाकी मैं संभाल लूँगी।”

👉 जब जिम्मेदारी बंटी नहीं, समझी गई — रिश्ता हल्का हो गया।

श्रैयाँस कोठारी

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