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एक छोटी सी कहानी 168

☝🏼 एक छोटी सी कहानी सौरभ: “मैं हर काम की शुरुआत बड़े इरादे से करता हूँ… पर टिक नहीं पाता।” वीर: “मैं छोटे इरादे से शुरू करता हूँ… पर उसे आदत बना लेता हूँ।” 👉 इरादा आपको शुरू करवाता है, आदत आपको पहुँचाती है। ✨ 🤩 श्रैयाँस कोठारी

एक छोटी सी कहानी 167

☝🏼 एक छोटी सी कहानी पिंकी : “लोग बस उंगली उठाते हैं।” पंकज : “क्योंकि सहारा देने में मेहनत और हिम्मत लगती है।” 👉 उंगली सब उठाते हैं, असल में उठाना कोई-कोई जानता है। 📿 श्रैयाँस कोठारी

एक छोटी सी कहानी 166

☝🏼 एक छोटी सी कहानी संदीप: “गलती निकालने वालों के पास आख़िर में… गलतियाँ ही बचती हैं।” लिलेश (हँसकर): “और सुधारने वालों के पास?” संदीप: “वो? उनके पास नतीजे बचते हैं… और लोग भी।” 👉 किसी की गलती पकड़ना आसान है, पर उसे पकड़कर उठाना, सुधारना—यही असली काबिलियत है। ✨ 🫱🏼‍🫲🏼 श्रैयाँस कोठारी

एक छोटी सी कहानी 165

☝🏼 एक छोटी सी कहानी सिया: “आज मेरी फोटो पर इतने लाइक नहीं आए... दादी: “अच्छा है, वरना ध्यान लक्ष्य से लाइक पर चला जाता।” 👉 फोकस लाइक पर नहीं, लाइफ पर रखो। 🤟🏼😇🌹श्रैयाँस कोठारी

एक छोटी सी कहानी 164

☝🏼 एक छोटी सी कहानी मनीष : “किस्मत ने मेरा साथ नहीं दिया।” विराट : “कभी अपनी तैयारी को भी मौका देकर देख—शायद वही साथ दे दे।” 👉 किस्मत कमजोरों का बहाना है, और मेहनत मजबूतों का भरोसा। 🎶 श्रैयाँस कोठारी

एक छोटी सी कहानी 163

☝🏼 एक छोटी सी कहानी सौरभ : “मुझे यह काम मुश्किल लगता है।” अभिषेक : “या फिर मुश्किल काम तुम्हें मज़बूत बना रहा है?” 👉 कई बार समस्या वही होती है, जिसे हम समाधान मानने से डरते हैं। 🕶️ श्रैयाँस कोठारी

एक छोटी सी कहानी 162

☝🏼 एक छोटी सी कहानी  रविन्द्र: “वो मुझसे आगे कैसे निकल गया?” दीपक: “क्योंकि वो आपसे आगे निकलने में नहीं… खुद से आगे निकलने में लगा था।” 👉 तुलना थकाती है, सुधार आगे बढ़ाता है। 🤓 श्रैयाँस कोठारी