एक छोटी सी कहानी 330

☝🏼एक छोटी सी कहानी

वंदना: "हम इतने अलग होकर भी साथ कैसे हैं?"

विशाल (पति): "क्योंकि हम एक-दूसरे को बदलते नहीं, समझते हैं।"

👉सामंजस्य समानता से नहीं, स्वीकार से बनता है।

श्रैयाँस कोठारी

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