एक छोटी सी कहानी 269 Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps - March 11, 2026 ☝🏼एक छोटी सी कहानीविनोद (आए दिन): “समाज खराब हो गया है।”एक दिन दादा जी: “समाज कोई और नहीं… तुम और मैं ही हैं।”👉🏼बदलाव की शुरुआत हमसे होती है।श्रैयाँस कोठारी Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments Alok11 March 2026 at 06:34आचार्य तुलसी के भी सुने यही विचार चाहते हैं हो मगर कैसे होगा सुधार भीतर की ओर ही खुला करते हैं ये द्वारएक सत्य - अनेक शब्द सुन रहे हैं बार-बार~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~"सुधरे व्यक्ति, समाज व्यक्ति से, राष्ट्र स्वयं सुधरेगा..." "जागें स्वयं, जगाएं जग को...." ReplyDeleteRepliesReplyAdd commentLoad more... Post a Comment
आचार्य तुलसी के
ReplyDeleteभी सुने यही विचार
चाहते हैं हो मगर
कैसे होगा सुधार
भीतर की ओर ही
खुला करते हैं ये द्वार
एक सत्य - अनेक शब्द
सुन रहे हैं बार-बार
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
"सुधरे व्यक्ति, समाज व्यक्ति से, राष्ट्र स्वयं सुधरेगा..."
"जागें स्वयं, जगाएं जग को...."