एक छोटी सी कहानी 258
☝🏼एक छोटी सी कहानी
अनिल: “वाह! कितनी डिग्रियाँ हैं!”
सुनील (गर्व से): “हाँ, बहुत पढ़ा हूँ,”
अगले ही पल कटु शब्द निकल गए।
अनिल: “पढ़ाई पूरी है… पर संस्कार की क्लास अभी बाकी है।”
👉 डिग्रियों से करियर बनता है,
संस्कारों से व्यक्तित्व।
🙏🏼श्रैयाँस कोठारी
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