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Showing posts from January, 2026

एक छोटी सी कहानी 214

☝🏼 एक छोटी सी कहानी जॉन्टी : “पौधा लगा दिया, पर बड़ा ही नहीं हो रहा।” चंदा (दादी): “बेटा, तेज़ी सिर्फ घास में होती है, पेड़ों में नहीं।” कुछ महीने बाद वही पौधा छांव देने लगा। 👉🏼 सुंदर चीज़ें समय लेती हैं। 💝 श्रैयाँस कोठारी

एक छोटी सी कहानी 213

☝🏼 एक छोटी सी कहानी ABTYP के अधिवेशन में, देश के विभिन्न हिस्सों से लोग आए थे, अपने-अपने त्योहारों की खुशियां मनाने के लिए। पंजाब से नौलखा  जी: " लोहड़ी मुबारक! जी भर के खाओ , जी भर के नाचो !" राजस्थान से कोठारी जी: " सक्रांत की शुभकामनाएं! धूप में भीगो, फूलों की तरह खिलो!" तमिल नाडु से मूथा जी: "பொங்கல் வாழ்த்துக்கள்! (पोंगल वाज़्तुक्कल!)" असम से फूलफगर  जी: " भोगली बिहू की शुभकामनाएं! फसल की कटाई के मौसम में खुशियां मनाओ!" गुजरात से मेहता  जी: " उत्तरायण की शुभकामनाएं! सूर्य की किरणों में ऊर्जा भर जाए, पतंग उड़ाओ!" हिमाचल प्रदेश से ठाकुर जी: " मघा साजी की शुभकामनाएं! पहाड़ों की बर्फ में भी खुशियां मनाओ!" उत्तर प्रदेश से लूनिया  जी: " कीचेरी की शुभकामनाएं! जीवन में मिठास भर जाए!" सभी ने एक दूसरे को शुभकामनाएं दीं और त्योहारों की खुशियां मनाईं। मकर सक्रांति की अनंत अनंत मंगलकामनाएं💐 🌹श्रैयाँस कोठारी

एक छोटी सी कहानी 212

☝🏼 एक छोटी सी कहानी नीता : “सब कुछ करना है।” लता : “इसलिए कुछ भी पूरा नहीं हो रहा।” 👉🏼 Focus बिखराव का इलाज है। 🌹श्रैयाँस कोठारी

एक छोटी सी कहानी 211

☝🏼 एक छोटी सी कहानी संगीता : “बच्चा आजकल क्या सीख रहा है?” संतोषी : “जो हम रोज़ जी रहे हैं।” 👉🏼 संस्कार बोले नहीं जाते, देखे और स्वतः सीखे जाते हैं। 🤓 श्रैयाँस कोठारी

एक छोटी सी कहानी 210

☝🏼 एक छोटी सी कहानी हरीश : “आज मन नहीं है।” ललित (पापा): “मन रोज़ बदलेगा, फिर भी काम रोज़ करना होगा।” 👉🏼 Consistency, Motivation से बड़ी ताक़त है। 🌹श्रैयाँस कोठारी

एक छोटी सी कहानी 209

☝🏼 एक छोटी सी कहानी प्रवीण : “मैं सब जानता हूँ।” राहुल : “तभी तो सीखना बंद कर दिया।” 👉🏼 अहंकार सीखने का दरवाज़ा बंद करता है। 🌹श्रैयाँस कोठारी

एक छोटी सी कहानी 208

☝🏼 एक छोटी सी कहानी अभिषेक : “गलत बना तो?” विवेक : “तो एक तरीका सीखेगा, जिससे यह नहीं बनता...।” 👉🏼 डर से लिया न गया निर्णय भी एक गलत निर्णय है। 🌹श्रैयाँस कोठारी

एक छोटी सी कहानी 207

☝🏼 एक छोटी सी कहानी विजय : “तू समझती ही नहीं।” प्रीति : “क्योंकि आप बोलते हैं, सुनते नहीं।” 👉🏼 रिश्ते बोलने से नहीं, सुनने से बचते हैं। 🌹श्रैयाँस कोठारी

एक छोटी सी कहानी 206

☝🏼 एक छोटी सी कहानी  “इतना बड़ा सपना?” जयेश  (हँसकर) अनंत (शांति से):  “हाँ… क्योंकि छोटी सोच ने मुझे  आज तक कुछ नया नहीं दिया।” 👉🏼 सोच की सीमा ही जीवन की सीमा बन जाती है। श्रैयाँस कोठारी

एक छोटी सी कहानी 205

☝🏼 एक छोटी सी कहानी दुर्गेश: “सब गलत ही होगा।” हिमांशु मुस्कुराया, “तूने कोशिश से पहले हार मान ली।” 👉🏼 सोच हारती है तो हालात भी हार जाते हैं। 🤓 श्रैयाँस कोठारी

एक छोटी सी कहानी 204

☝🏼 एक छोटी सी कहानी हिमांशु (मैनेजर): “यह भी ले लो।” ऋतु: “ नहीं —ताकि जो लिया है, उसे बेहतर कर सकूँ। ” 👉🏼 साफ़ ‘ना’, कमज़ोरी नहीं, प्रोफेशनल ताक़त है। 💼✨ श्रैयाँस कोठारी

एक छोटी सी कहानी 203

☝🏼 एक छोटी सी कहानी अजय : “थक गए हो?” विजय : “हाँ… पर रुका नहीं।” 👉🏼 जो थक कर भी चलता है, वही मंज़िल पहचानता है। श्रैयाँस कोठारी

एक छोटी सी कहानी 202

☝🏼 एक छोटी सी कहानी पंकज : “अब बस कर।” श्रद्धा : “नहीं… अभी सीख पूरी नहीं हुई।” 👉🏼 असल हार तब होती है जब कोशिश रुक जाती है। ✨ श्रैयाँस कोठारी

एक छोटी सी कहानी 201

☝🏼 एक छोटी सी कहानी आगम : “आज नहीं।” ललित (पापा) : “आज ही।” 👉🏼 जीत बहाने से नहीं, इरादे से मिलती है। श्रैयाँस कोठारी

एक छोटी सी कहानी 200

☝🏼 एक छोटी सी कहानी “ 1st January ” मोबाइल : “आज से कम स्क्रीन?”   Weighing scale (वज़न तोलने का कांटा): “आज से डाइट ?” अलमारी : “आज से जिम, cycling, yoga?” जूते : “आज से रोज़ walking / running?” आईना (हँसकर): “आज से ईमानदारी… खुद से।” नया साल बाहर के बदलाव से नहीं, अंदर की सच्चाई से शुरू होता है। 🪞✨ 🙏🏼श्रैयाँस कोठारी