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Showing posts from January, 2026

एक छोटी सी कहानी 230

☝🏼 एक छोटी सी कहानी जॉन्टी : ChatGPT तो वरदान बनकर आया है। जेली : हाँ, लेकिन हर काम उसी से करोगे तो दिमाग छुट्टी पर चला जाएगा। जॉन्टी मुस्कुराया: “उपयोग करूँगा… सहारा नहीं बनाऊँगा।” 👉🏼 तकनीक मददगार होनी चाहिए, मालिक नहीं। श्रैयाँस कोठारी

एक छोटी सी कहानी 229

☝🏼 एक छोटी सी कहानी पिंकी : तुम बात ही नहीं करते। धर्मेंद्र (मोबाइल साइड रखा): चलो, चाय साथ पीते हैं। छोटी बात, बड़ी मुस्कान। 👉🏼 रिश्ते समय माँगते हैं, बहाने नहीं। श्रैयाँस कोठारी

एक छोटी सी कहानी 228

☝🏼 एक छोटी सी कहानी सिद्धि : आज खूब motivation मिला, कल से project शुरू। रजनीश : motivation तो रोज मिलता है, जीत उन्हीं की होती है जो उसे आदत बना लेते हैं। 👉🏼 सफलता प्रेरणा से नहीं, रोज़ की निरंतरता से बनती है। श्रैयाँस कोठारी

एक छोटी सी कहानी 227

☝🏼 एक छोटी सी कहानी अभीर: “क्यों? कैसे?” प्रवीणा (नानी): “यही सवाल तुझे आगे ले जाएंगे।” 👉🏼 जिज्ञासा बुद्धि की चिंगारी है। श्रैयाँस कोठारी

एक छोटी सी कहानी 226

☝🏼एक छोटी सी कहानी मेरु : मैं नहीं कर सकता, हार मान गया। हितेश : एक बार और try कर ले, हार वाला विकल्प (option) तो बाद में भी खुला है। 👉 जब तक कोशिश बाकी है, हार तय नहीं होती। 😎 श्रैयाँस कोठारी

एक छोटी सी कहानी 225

☝🏼 एक छोटी सी कहानी  स्कूल में ध्वज फहराने के बाद, अर्हम —“आज लोग झंडा ऐसे सलाम क्यों करते हैं?” दादाजी (काँपते हाथ उठाए)— “क्योंकि इसे खड़ा रखने के लिए कई पीढ़ियाँ लगी हैं, बेटा।” 🇮🇳 👉 स्वतंत्रता मिली नहीं थी—कमाई गई थी। इसे संभालना हमारी जिम्मेदारी है। 😎 श्रैयाँस कोठारी

एक छोटी सी कहानी 224

☝🏼 एक छोटी सी कहानी लीला : “बच्चे सुनते ही नहीं, कितना ही डांटो…” प्रकाश : “पहले थोड़ा उनका मान लो—वो भी तुम्हें मानने लगेंगे।” 👉 सम्मान दो, सम्मान लौटकर आता है। 🌹श्रैयाँस कोठारी

एक छोटी सी कहानी 223

☝🏼 एक छोटी सी कहानी जॉय : छुट्टियां हो गई है, बताइए क्या करूं? दादोसा : घर पर जो किताबें पड़ी हैं, उन पर कवर चढ़ा दो। कवर चढ़ाते चढ़ाते पुस्तकों से प्रेम हो गया 👉🏼 जब हाथ काम में लगते हैं, दिल अपनी राह खुद खोज लेता है। 🌹श्रैयाँस कोठारी

एक छोटी सी कहानी 222

☝🏼 एक छोटी सी कहानी मीतू : "मुझे मोबाइल पर खेलना है" प्रज्ञा (मां): पहले आज का homework और studies , उसके बाद ही दूसरी चीजें... 👉🏼 अनुशासन पहले, मनोरंजन बाद में—यही जीवन को संतुलित बनाता है। श्रैयाँस कोठारी

एक छोटी सी कहानी 221

☝🏼 एक छोटी सी कहानी संदीप : “मैं self-control नहीं कर पाता, distraction बहुत है।” मुनि श्री : “मन को सही काम दे दो— फ़ालतू इच्छाएँ खुद चुप हो जाएँगी।” 👉 मन को रोको मत, दिशा दो—नियंत्रण अपने-आप हो जाएगा। श्रैयाँस कोठारी

एक छोटी सी कहानी 220

☝🏼 एक छोटी सी कहानी सीमा : “बच्चे बस मोबाइल, टीवी आदि में उलझे रहते हैं।” संगीता : “मोबाइल छुड़ाना काफी नहीं —उन्हें उसके बदले क्या करना है यह बताना भी ज़रूरी है।” 👉 आदतें तभी बदलती हैं, जब दिशा भी साथ दी जाए। श्रैयाँस कोठारी

एक छोटी सी कहानी 220

☝🏼 एक छोटी सी कहानी अदिति : “लोग क्या कहेंगे?” अभिषेक : “लोगों की राय से किसी का पेट नहीं भरता।” 👉🏼 अपने फैसला खुद के लिए लो। 🥸 श्रैयाँस कोठारी

एक छोटी सी कहानी 219

☝🏼 एक छोटी सी कहानी रौनक : “मेरे साथ ही मुसीबत क्यों होती है?” अमित : “क्योंकि तुझमें संभालने की क्षमता है।” 👉🏼 संघर्ष वही चुनता है जो जीत सकता है। 🤓 श्रैयाँस कोठारी

एक छोटी सी कहानी 218

☝🏼 एक छोटी सी कहानी स्वस्ति : “लाइफ में clarity नहीं मिलती।” स्वाति : “हर दिन 10 पेज पढ़… clarity खुद चलकर आएगी।” 👉 किताबें जवाब नहीं देतीं— देखने की नज़र देती हैं। 🤓 श्रैयाँस कोठारी

एक छोटी सी कहानी 217

☝🏼 एक छोटी सी कहानी रक्षा: "सब खराब हो गया, खत्म हो गया…” पूजा : “सूखे पेड़ पर भी नए पत्ते आते हैं।” रक्षा की आँखों में चमक लौट आई। 👉🏼 उम्मीद सबसे बड़ी ऊर्जा है। 😇 श्रैयाँस कोठारी

एक छोटी सी कहानी 216

☝🏼 एक छोटी सी कहानी धर्मेश : “मैं कॉल क्यों करूँ? पहले वही करे।” कमलेश : “दो कदम आगे बढ़ने वाला ही रिश्ता जोड़ता है।” वो बस कॉल करता है—उधर से भी मुस्कान तैयार थी। 👉🏼 रिश्ते ‘मैं’ नहीं, ‘हम’ पर चलते हैं। 🤓 श्रैयाँस कोठारी

एक छोटी सी कहानी 215

☝🏼एक छोटी सी कहानी गोविंद: "यार, मोबाइल बहुत distract करता है।” नरेंद्र: “लक्ष्य वाला पासवर्ड डाल ‘IBPS2026’!” अब मोबाइल खुलते ही लक्ष्य याद आता है। 👉🏼 "जिस चीज़ से distraction आता है,  उसी को motivation का reminder बना दो।" 🤓 श्रैयाँस कोठारी

एक छोटी सी कहानी 214

☝🏼 एक छोटी सी कहानी जॉन्टी : “पौधा लगा दिया, पर बड़ा ही नहीं हो रहा।” चंदा (दादी): “बेटा, तेज़ी सिर्फ घास में होती है, पेड़ों में नहीं।” कुछ महीने बाद वही पौधा छांव देने लगा। 👉🏼 सुंदर चीज़ें समय लेती हैं। 💝 श्रैयाँस कोठारी

एक छोटी सी कहानी 213

☝🏼 एक छोटी सी कहानी ABTYP के अधिवेशन में, देश के विभिन्न हिस्सों से लोग आए थे, अपने-अपने त्योहारों की खुशियां मनाने के लिए। पंजाब से नौलखा  जी: " लोहड़ी मुबारक! जी भर के खाओ , जी भर के नाचो !" राजस्थान से कोठारी जी: " सक्रांत की शुभकामनाएं! धूप में भीगो, फूलों की तरह खिलो!" तमिल नाडु से मूथा जी: "பொங்கல் வாழ்த்துக்கள்! (पोंगल वाज़्तुक्कल!)" असम से फूलफगर  जी: " भोगली बिहू की शुभकामनाएं! फसल की कटाई के मौसम में खुशियां मनाओ!" गुजरात से मेहता  जी: " उत्तरायण की शुभकामनाएं! सूर्य की किरणों में ऊर्जा भर जाए, पतंग उड़ाओ!" हिमाचल प्रदेश से ठाकुर जी: " मघा साजी की शुभकामनाएं! पहाड़ों की बर्फ में भी खुशियां मनाओ!" उत्तर प्रदेश से लूनिया  जी: " कीचेरी की शुभकामनाएं! जीवन में मिठास भर जाए!" सभी ने एक दूसरे को शुभकामनाएं दीं और त्योहारों की खुशियां मनाईं। मकर सक्रांति की अनंत अनंत मंगलकामनाएं💐 🌹श्रैयाँस कोठारी

एक छोटी सी कहानी 212

☝🏼 एक छोटी सी कहानी नीता : “सब कुछ करना है।” लता : “इसलिए कुछ भी पूरा नहीं हो रहा।” 👉🏼 Focus बिखराव का इलाज है। 🌹श्रैयाँस कोठारी

एक छोटी सी कहानी 211

☝🏼 एक छोटी सी कहानी संगीता : “बच्चा आजकल क्या सीख रहा है?” संतोषी : “जो हम रोज़ जी रहे हैं।” 👉🏼 संस्कार बोले नहीं जाते, देखे और स्वतः सीखे जाते हैं। 🤓 श्रैयाँस कोठारी

एक छोटी सी कहानी 210

☝🏼 एक छोटी सी कहानी हरीश : “आज मन नहीं है।” ललित (पापा): “मन रोज़ बदलेगा, फिर भी काम रोज़ करना होगा।” 👉🏼 Consistency, Motivation से बड़ी ताक़त है। 🌹श्रैयाँस कोठारी

एक छोटी सी कहानी 209

☝🏼 एक छोटी सी कहानी प्रवीण : “मैं सब जानता हूँ।” राहुल : “तभी तो सीखना बंद कर दिया।” 👉🏼 अहंकार सीखने का दरवाज़ा बंद करता है। 🌹श्रैयाँस कोठारी

एक छोटी सी कहानी 208

☝🏼 एक छोटी सी कहानी अभिषेक : “गलत बना तो?” विवेक : “तो एक तरीका सीखेगा, जिससे यह नहीं बनता...।” 👉🏼 डर से लिया न गया निर्णय भी एक गलत निर्णय है। 🌹श्रैयाँस कोठारी

एक छोटी सी कहानी 207

☝🏼 एक छोटी सी कहानी विजय : “तू समझती ही नहीं।” प्रीति : “क्योंकि आप बोलते हैं, सुनते नहीं।” 👉🏼 रिश्ते बोलने से नहीं, सुनने से बचते हैं। 🌹श्रैयाँस कोठारी

एक छोटी सी कहानी 206

☝🏼 एक छोटी सी कहानी  “इतना बड़ा सपना?” जयेश  (हँसकर) अनंत (शांति से):  “हाँ… क्योंकि छोटी सोच ने मुझे  आज तक कुछ नया नहीं दिया।” 👉🏼 सोच की सीमा ही जीवन की सीमा बन जाती है। श्रैयाँस कोठारी

एक छोटी सी कहानी 205

☝🏼 एक छोटी सी कहानी दुर्गेश: “सब गलत ही होगा।” हिमांशु मुस्कुराया, “तूने कोशिश से पहले हार मान ली।” 👉🏼 सोच हारती है तो हालात भी हार जाते हैं। 🤓 श्रैयाँस कोठारी

एक छोटी सी कहानी 204

☝🏼 एक छोटी सी कहानी हिमांशु (मैनेजर): “यह भी ले लो।” ऋतु: “ नहीं —ताकि जो लिया है, उसे बेहतर कर सकूँ। ” 👉🏼 साफ़ ‘ना’, कमज़ोरी नहीं, प्रोफेशनल ताक़त है। 💼✨ श्रैयाँस कोठारी

एक छोटी सी कहानी 203

☝🏼 एक छोटी सी कहानी अजय : “थक गए हो?” विजय : “हाँ… पर रुका नहीं।” 👉🏼 जो थक कर भी चलता है, वही मंज़िल पहचानता है। श्रैयाँस कोठारी

एक छोटी सी कहानी 202

☝🏼 एक छोटी सी कहानी पंकज : “अब बस कर।” श्रद्धा : “नहीं… अभी सीख पूरी नहीं हुई।” 👉🏼 असल हार तब होती है जब कोशिश रुक जाती है। ✨ श्रैयाँस कोठारी

एक छोटी सी कहानी 201

☝🏼 एक छोटी सी कहानी आगम : “आज नहीं।” ललित (पापा) : “आज ही।” 👉🏼 जीत बहाने से नहीं, इरादे से मिलती है। श्रैयाँस कोठारी

एक छोटी सी कहानी 200

☝🏼 एक छोटी सी कहानी “ 1st January ” मोबाइल : “आज से कम स्क्रीन?”   Weighing scale (वज़न तोलने का कांटा): “आज से डाइट ?” अलमारी : “आज से जिम, cycling, yoga?” जूते : “आज से रोज़ walking / running?” आईना (हँसकर): “आज से ईमानदारी… खुद से।” नया साल बाहर के बदलाव से नहीं, अंदर की सच्चाई से शुरू होता है। 🪞✨ 🙏🏼श्रैयाँस कोठारी