☝🏼 एक छोटी सी कहानी ABTYP के अधिवेशन में, देश के विभिन्न हिस्सों से लोग आए थे, अपने-अपने त्योहारों की खुशियां मनाने के लिए। पंजाब से नौलखा जी: " लोहड़ी मुबारक! जी भर के खाओ , जी भर के नाचो !" राजस्थान से कोठारी जी: " सक्रांत की शुभकामनाएं! धूप में भीगो, फूलों की तरह खिलो!" तमिल नाडु से मूथा जी: "பொங்கல் வாழ்த்துக்கள்! (पोंगल वाज़्तुक्कल!)" असम से फूलफगर जी: " भोगली बिहू की शुभकामनाएं! फसल की कटाई के मौसम में खुशियां मनाओ!" गुजरात से मेहता जी: " उत्तरायण की शुभकामनाएं! सूर्य की किरणों में ऊर्जा भर जाए, पतंग उड़ाओ!" हिमाचल प्रदेश से ठाकुर जी: " मघा साजी की शुभकामनाएं! पहाड़ों की बर्फ में भी खुशियां मनाओ!" उत्तर प्रदेश से लूनिया जी: " कीचेरी की शुभकामनाएं! जीवन में मिठास भर जाए!" सभी ने एक दूसरे को शुभकामनाएं दीं और त्योहारों की खुशियां मनाईं। मकर सक्रांति की अनंत अनंत मंगलकामनाएं💐 🌹श्रैयाँस कोठारी