एक छोटी सी कहानी 203

☝🏼एक छोटी सी कहानी

अजय: “थक गए हो?”
विजय: “हाँ… पर रुका नहीं।”

👉🏼जो थक कर भी चलता है,
वही मंज़िल पहचानता है।

श्रैयाँस कोठारी

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