एक छोटी सी कहानी 207

☝🏼एक छोटी सी कहानी

विजय: “तू समझती ही नहीं।”

प्रीति: “क्योंकि आप बोलते हैं, सुनते नहीं।”

👉🏼रिश्ते बोलने से नहीं, सुनने से बचते हैं।

🌹श्रैयाँस कोठारी

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