एक छोटी सी कहानी 213

☝🏼एक छोटी सी कहानी

ABTYP के अधिवेशन में, देश के विभिन्न हिस्सों से लोग आए थे, अपने-अपने त्योहारों की खुशियां मनाने के लिए।

पंजाब से नौलखा जी: "लोहड़ी मुबारक! जी भर के खाओ, जी भर के नाचो!"

राजस्थान से कोठारी जी: "सक्रांत की शुभकामनाएं! धूप में भीगो, फूलों की तरह खिलो!"

तमिल नाडु से मूथा जी: "பொங்கல் வாழ்த்துக்கள்! (पोंगल वाज़्तुक्कल!)"

असम से फूलफगर जी: "भोगली बिहू की शुभकामनाएं! फसल की कटाई के मौसम में खुशियां मनाओ!"

गुजरात से मेहता जी: "उत्तरायण की शुभकामनाएं! सूर्य की किरणों में ऊर्जा भर जाए, पतंग उड़ाओ!"

हिमाचल प्रदेश से ठाकुर जी: "मघा साजी की शुभकामनाएं! पहाड़ों की बर्फ में भी खुशियां मनाओ!"

उत्तर प्रदेश से लूनिया जी: "कीचेरी की शुभकामनाएं! जीवन में मिठास भर जाए!"

सभी ने एक दूसरे को शुभकामनाएं दीं और त्योहारों की खुशियां मनाईं।

मकर सक्रांति की अनंत अनंत मंगलकामनाएं💐

🌹श्रैयाँस कोठारी

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