एक छोटी सी कहानी 248

☝🏼एक छोटी सी कहानी

दुर्गेश सूरज नीला बना रहा था।

पवन (पिता): “गलत है।”

टीचर बोली, “रंग मत सुधारिए… सपने टूट जाते हैं।”

👉🏼 रचनात्मकता नियमों से नहीं, आज़ादी से खिलती है।

🙏🏼श्रैयाँस कोठारी

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