एक छोटी सी कहानी 237
☝🏼एक छोटी सी कहानी
जानकी: हमारे समय में सब संभाल लेते थे।
मधु (बहू): मम्मीजी, मैं भी कोशिश कर रही हूँ… बस साथ चाहिए।
अगले दिन सास ने रसोई में हाथ बँटा दिया… घर में शांति आ गई।
👉🏼 सास-बहू का रिश्ता ताने से नहीं, साथ से बनता है।
🙏🏼श्रैयाँस कोठारी
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