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एक छोटी सी कहानी 204

☝🏼 एक छोटी सी कहानी हिमांशु (मैनेजर): “यह भी ले लो।” ऋतु: “ नहीं —ताकि जो लिया है, उसे बेहतर कर सकूँ। ” 👉🏼 साफ़ ‘ना’, कमज़ोरी नहीं, प्रोफेशनल ताक़त है। 💼✨ श्रैयाँस कोठारी

एक छोटी सी कहानी 203

☝🏼 एक छोटी सी कहानी अजय : “थक गए हो?” विजय : “हाँ… पर रुका नहीं।” 👉🏼 जो थक कर भी चलता है, वही मंज़िल पहचानता है। श्रैयाँस कोठारी

एक छोटी सी कहानी 202

☝🏼 एक छोटी सी कहानी पंकज : “अब बस कर।” श्रद्धा : “नहीं… अभी सीख पूरी नहीं हुई।” 👉🏼 असल हार तब होती है जब कोशिश रुक जाती है। ✨ श्रैयाँस कोठारी

एक छोटी सी कहानी 201

☝🏼 एक छोटी सी कहानी आगम : “आज नहीं।” ललित (पापा) : “आज ही।” 👉🏼 जीत बहाने से नहीं, इरादे से मिलती है। श्रैयाँस कोठारी

एक छोटी सी कहानी 200

☝🏼 एक छोटी सी कहानी “ 1st January ” मोबाइल : “आज से कम स्क्रीन?”   Weighing scale (वज़न तोलने का कांटा): “आज से डाइट ?” अलमारी : “आज से जिम, cycling, yoga?” जूते : “आज से रोज़ walking / running?” आईना (हँसकर): “आज से ईमानदारी… खुद से।” नया साल बाहर के बदलाव से नहीं, अंदर की सच्चाई से शुरू होता है। 🪞✨ 🙏🏼श्रैयाँस कोठारी

एक छोटी सी कहानी 199

☝🏼 एक छोटी सी कहानी “31st December” कैलेंडर बोला: “मैं खत्म हो रहा हूँ।” इंसान बोला: “वाह! नया साल आ गया।” कैलेंडर मुस्कराया: “ मैं हर साल बदलता हूँ, पर तुम्हारी कमियाँ carry-forward हो जाती हैं।” नया साल celebrate करने से पहले, खुद को update करना ज़रूरी है। 🔄✨ 🙏🏼श्रैयाँस कोठारी

एक छोटी सी कहानी 198

☝🏼 एक छोटी सी कहानी मंजू (सास): “फिर से कोशिश कर रही हो?” संतोष : “हाँ… क्योंकि छोड़ देना मेरी फितरत नहीं।” कुछ समय बाद— वही काम उसकी पहचान बन गया। 👉🏼 जो चुपचाप कोशिश करता है, वही मिसाल बनता है। श्रैयाँस कोठारी