☝🏼 एक छोटी सी कहानी सुरेश: “आज मार्केट फिर गिर गया…” 📉 पूजन: “तो क्या हुआ? एक सफल व्यक्ति भी तो हर बार गिरकर ही उठता है…” 🙂 👉🏼 गिरना खबर बनती है, उठना पहचान बनाता है। 💯 🙏🏼श्रैयाँस कोठारी
☝🏼 एक छोटी सी कहानी पवन: “दिनभर भाग रहा हूँ, फिर भी सब बिखरा है…” पंकज: “कभी रुका भी है समझने के लिए, कि क्या हो रहा है ?” 👉🏼 बिना रुके दौड़ना, व्यस्तता नहीं… अस्त-व्यस्तता है। श्रैयाँस कोठारी
☝🏼 एक छोटी सी कहानी मंगल : “यार, हमारा बॉस कितना सुलझा हुआ है… पूरा ऑफिस व्यवस्थित...!” आशीष : “सही है भाई, शर्ट का ऊपर वाला बटन अगर सही, तो सारे बटन अपने आप सही ही लगते हैं... ।” 👉🏼 लीडर सही हो… तो पूरी टीम अपने आप लाइन में आ जाती है। श्रैयाँस कोठारी
☝🏼 एक छोटी सी कहानी मोनिका: "मुझसे बात मत करना!" बंटी (पति): "बात छोड़ सकता हूँ… पर तुम्हें नहीं। " मोनिका (मुस्कुराकर): "पागल हो तुम!" ❤️ 👉🏼 सच्चे रिश्ते वो होते हैं, जहाँ नोक झोंक खत्म नहीं होते… पर साथ हमेशा बना रहता है। 🙏🏼श्रैयाँस कोठारी
☝🏼 एक छोटी सी कहानी पृथ्वीराज: "सब छोड़ गए…" ओमप्रकाश (कंधे पर हाथ रखा): "मैं नहीं जाऊंगा," 👉🏼 सच्चे दोस्त मुश्किल समय में साथ खड़े रहते हैं। 🙏🏼श्रैयाँस कोठारी
☝🏼 एक छोटी सी कहानी जॉन्टी: "कब मिलेगा रिजल्ट?" जैली: "जब सही समय आएगा… धीरज रख।" 👉🏼 फल सही समय पर ही मिलता है, उसके लिए धैर्य तो रखना ही होता है 🙏🏼श्रैयाँस कोठारी