☝🏼 एक छोटी सी कहानी जेम्स (एक अमरीकी सैनिक): "हम क्यों लड़ रहे हैं?" पीटर (दूसरा): " क्योंकि ऊपर वाले बात नहीं कर पाए… " 👉 जब संवाद रुक जाता है, तब संघर्ष शुरू हो जाता है—और कीमत हमेशा आम लोग चुकाते हैं। 🙏🏼श्रैयाँस कोठारी
☝🏼 एक छोटी सी कहानी मैं: लो पापा इस पड़ाव भी पहुंच गए... मर्यादा कुमार: मैंने कहा था, consistency is the key... (निरंतरता ही कुंजी है...) 👉🏼 प्रतिभा शुरुआत दे सकती है, निरंतरता मंजिल तक पहुंचाती है... श्रैयाँस कोठारी
☝🏼 एक छोटी सी कहानी बबली: “इसमें सब खुश दिखते हैं…” बंटी: “क्योंकि दुख कोई पोस्ट नहीं करता… ” 👉🏼 जो दिखता है, वो पूरी सच्चाई नहीं होता। 🎭 श्रैयाँस कोठारी
☝🏼 एक छोटी सी कहानी अर्हम: “दुनिया में हर जगह लड़ाई क्यों?” सुरेश (नाना): “क्योंकि लोग जीतना चाहते हैं… ” अर्हम: “ और समझना... ?” 👉🏼 जीत से ज्यादा जरूरी समझ है। श्रैयाँस कोठारी
☝🏼 एक छोटी सी कहानी सरिता (माँ): “इतना गुस्सा क्यों?” यज्ञ (बेटा): “सब गलत हो रहा है…” सरिता: “ गुस्सा सब सही कर देगा???… ” 👉🏼 शांत दिमाग ही सही फैसला लेता है। 🧘 श्रैयाँस कोठारी