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एक छोटी सी कहानी 297

☝🏼 एक छोटी सी कहानी अर्हम: “दुनिया में हर जगह लड़ाई क्यों?” सुरेश (नाना): “क्योंकि लोग जीतना चाहते हैं… ” अर्हम: “ और समझना... ?” 👉🏼 जीत से ज्यादा जरूरी समझ है। श्रैयाँस कोठारी

एक छोटी सी कहानी 296

☝🏼 एक छोटी सी कहानी सरिता (माँ): “इतना गुस्सा क्यों?” यज्ञ (बेटा): “सब गलत हो रहा है…” सरिता: “ गुस्सा सब सही कर देगा???… ” 👉🏼 शांत दिमाग ही सही फैसला लेता है। 🧘 श्रैयाँस कोठारी

एक छोटी सी कहानी 295

☝🏼 एक छोटी सी कहानी अमित: “उफ्फ, इतनी बारिश, कितनी परेशानी है… ” रामेश्वर: “वाह, कितनी ठंडक हो गई… ” 👉🏼 नजरिया ही मौसम बदल देता है। 🌈 श्रैयाँस कोठारी

एक छोटी सी कहानी 294

☝🏼 एक छोटी सी कहानी जॉन्टी: “पर...मैं तो अभी छोटा हूँ…” दादा: “शुरुआत हमेशा छोटी होती है।” 👉🏼 छोटा कदम बड़ी शुरुआत कर सकता है। 🌱 श्रैयाँस कोठारी

एक छोटी सी कहानी 293

☝🏼एक छोटी सी कहानी अमित (पिता): “इतना फोन क्यों?” 📱 ऋषि: “ दुनिया से जुड़े रहने के लिए… ” अमित: “और घर वालों से…?” 👉🏼 दूर वालों से पहले पास वालों को समय दो। 🙏🏼श्रैयाँस कोठारी 

एक छोटी सी कहानी 292

☝🏼 एक छोटी सी कहानी सोनम: “इतनी भागदौड़ क्यों?” हितेश: “सब पाने के लिए…” सोनम: “जो है, उसे जीने का समय?” 👉🏼 पाने की दौड़ में, जीना मत खो देना। 🙏🏼श्रैयाँस कोठारी 

एक छोटी सी कहानी 291

☝🏼 एक छोटी सी कहानी प्रेक्षित: “ओहो, लाइट चली गई!” रौनित: “अच्छा है… आज मोबाइल ऑफ, बातें ऑन करते हैं।” 😊 👉🏼 कभी स्क्रीन बंद कर के भी रिश्ते शुरू कर सकते हैं।  🙏🏼श्रैयाँस कोठारी