☝🏼 एक छोटी सी कहानी हिमांशु (मैनेजर): “यह भी ले लो।” ऋतु: “ नहीं —ताकि जो लिया है, उसे बेहतर कर सकूँ। ” 👉🏼 साफ़ ‘ना’, कमज़ोरी नहीं, प्रोफेशनल ताक़त है। 💼✨ श्रैयाँस कोठारी
☝🏼 एक छोटी सी कहानी “ 1st January ” मोबाइल : “आज से कम स्क्रीन?” Weighing scale (वज़न तोलने का कांटा): “आज से डाइट ?” अलमारी : “आज से जिम, cycling, yoga?” जूते : “आज से रोज़ walking / running?” आईना (हँसकर): “आज से ईमानदारी… खुद से।” नया साल बाहर के बदलाव से नहीं, अंदर की सच्चाई से शुरू होता है। 🪞✨ 🙏🏼श्रैयाँस कोठारी
☝🏼 एक छोटी सी कहानी “31st December” कैलेंडर बोला: “मैं खत्म हो रहा हूँ।” इंसान बोला: “वाह! नया साल आ गया।” कैलेंडर मुस्कराया: “ मैं हर साल बदलता हूँ, पर तुम्हारी कमियाँ carry-forward हो जाती हैं।” नया साल celebrate करने से पहले, खुद को update करना ज़रूरी है। 🔄✨ 🙏🏼श्रैयाँस कोठारी
☝🏼 एक छोटी सी कहानी मंजू (सास): “फिर से कोशिश कर रही हो?” संतोष : “हाँ… क्योंकि छोड़ देना मेरी फितरत नहीं।” कुछ समय बाद— वही काम उसकी पहचान बन गया। 👉🏼 जो चुपचाप कोशिश करता है, वही मिसाल बनता है। श्रैयाँस कोठारी